आम की बागवानी की पूरी जानकारी | Mango Farming (Mango Orchard Farming)

आम की बागवानी की पूरी जानकारी | Mango Farming

आम (Mango) भारत का राष्ट्रीय फल है और इसकी खेती पूरे देश में बड़े पैमाने पर की जाती है। आम की बागवानी (Mango Orchard Farming) एक लाभदायक व्यवसाय है जो किसानों को अच्छी आमदनी देता है। आम के पेड़ 50 से 60 साल तक फल देते हैं, इसलिए यह एक दीर्घकालिक निवेश है।

आम की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु

आम की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु (Tropical and Subtropical Climate) सबसे अच्छी होती है। फूल आने के समय शुष्क मौसम और फल पकने के समय गर्म तापमान जरूरी है। 24 से 27 डिग्री सेल्सियस तापमान आम की वृद्धि के लिए उत्तम है। अधिक ठंड और पाले से आम के पौधों को नुकसान होता है।

मिट्टी की आवश्यकता

आम की खेती के लिए गहरी, उपजाऊ और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी (Well-Drained Soil) की जरूरत होती है। दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। मिट्टी का pH मान 5.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए। जलभराव वाली जमीन में आम के पेड़ नहीं लगाने चाहिए क्योंकि इससे जड़ सड़न की समस्या हो सकती है।

आम की प्रमुख किस्में

भारत में आम की कई उन्नत किस्में (Varieties) उगाई जाती हैं। दशहरी, लंगड़ा, चौसा, अल्फांसो (Alphonso), केसर, बंगनपल्ली, तोतापुरी, मल्लिका और आम्रपाली प्रमुख व्यावसायिक किस्में हैं। अल्फांसो को आम की रानी कहा जाता है। आम्रपाली बौनी किस्म है जो घने रोपण (High Density Planting) के लिए उपयुक्त है।

पौध रोपण का सही समय और तरीका

आम के पौधे लगाने का सबसे अच्छा समय जुलाई-अगस्त (मानसून) है। पौधे से पौधे की दूरी 10 मीटर रखनी चाहिए। बौनी किस्मों को 2.5 से 5 मीटर की दूरी पर लगाया जा सकता है। रोपण से पहले 1 मीटर × 1 मीटर × 1 मीटर के गड्ढे खोदकर उन्हें गोबर की खाद, कम्पोस्ट और मिट्टी के मिश्रण से भर दें। ग्राफ्टेड पौधे (Grafted Plants) लगाना बेहतर होता है क्योंकि ये जल्दी फल देते हैं।

सिंचाई प्रबंधन

नए पौधों को गर्मियों में हर 3-4 दिन और सर्दियों में 10-15 दिन में सिंचाई (Irrigation) की जरूरत होती है। फलदार पेड़ों को फूल आने से पहले और फल बनने के समय नियमित पानी दें। ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) से पानी की बचत होती है और पैदावार भी बढ़ती है। बारिश के मौसम में सिंचाई की जरूरत नहीं होती।

खाद और उर्वरक

आम के पेड़ों को संतुलित पोषण (Balanced Nutrition) देना जरूरी है। एक फलदार पेड़ को हर साल 50 किलो गोबर की खाद, 1.5 किलो यूरिया, 2 किलो सुपर फास्फेट और 1.5 किलो पोटाश देना चाहिए। खाद को दो भागों में बांटकर जून-जुलाई और अक्टूबर-नवंबर में डालें। जैविक खाद (Organic Manure) के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है।

कीट और रोग प्रबंधन

आम में फल मक्खी (Fruit Fly), तना छेदक (Stem Borer), और होपर प्रमुख कीट हैं। पाउडरी मिल्ड्यू (Powdery Mildew), एन्थ्रेक्नोज और मालफॉर्मेशन प्रमुख रोग हैं। जैविक कीटनाशकों और नीम के तेल का उपयोग करें। समय पर छिड़काव और स्वच्छता से रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है। एकीकृत कीट प्रबंधन (Integrated Pest Management) अपनाना चाहिए।

फल तुड़ाई और उपज

ग्राफ्टेड पौधे 3-4 साल में फल देना शुरू कर देते हैं। आम के फल पकने से पहले ही तोड़े जाते हैं। एक पूर्ण विकसित पेड़ से 200 से 300 किलो तक उपज (Yield) मिल सकती है। फलों को सावधानी से तोड़कर छाया में रखें। ग्रेडिंग (Grading) करके अलग-अलग आकार के फलों को अलग करें। बाजार में बेचने से पहले कृत्रिम पकाई (Artificial Ripening) की जा सकती है।

लागत और मुनाफा

एक हेक्टेयर में आम की बागवानी स्थापित करने में 2 से 3 लाख रुपये का खर्च आता है। पेड़ों के पूर्ण फलदार होने में 7-8 साल लगते हैं। पूर्ण उत्पादन में एक हेक्टेयर से 10 से 15 टन उपज मिल सकती है। अच्छी किस्मों और बाजार व्यवस्था के साथ सालाना 5 से 8 लाख रुपये की आय (Income) हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. आम का पेड़ कितने साल में फल देता है?
ग्राफ्टेड या कलमी आम का पेड़ 3 से 4 साल में फल देना शुरू कर देता है, जबकि बीज से उगाए गए पेड़ को 6 से 8 साल लग सकते हैं।

2. आम की बागवानी के लिए कितनी जगह चाहिए?
सामान्य किस्मों के लिए प्रति पेड़ 10 मीटर × 10 मीटर जगह चाहिए। बौनी किस्मों को 5 मीटर × 5 मीटर में भी लगाया जा सकता है।

3. आम की खेती में सबसे बड़ी समस्या क्या है?
फल मक्खी, पाउडरी मिल्ड्यू रोग और मालफॉर्मेशन आम की खेती में प्रमुख समस्याएं हैं। नियमित देखभाल और उचित प्रबंधन से इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।

4. आम की कौन सी किस्म सबसे ज्यादा मुनाफा देती है?
अल्फांसो, केसर और दशहरी किस्में बाजार में अच्छी कीमत मिलने के कारण सबसे ज्यादा मुनाफा देती हैं। आम्रपाली घने रोपण के लिए लाभदायक है।

5. आम की बागवानी में कौन सी खाद सबसे अच्छी है?
गोबर की खाद या कम्पोस्ट सबसे अच्छी जैविक खाद है। इसके साथ NPK उर्वरक का संतुलित मात्रा में उपयोग करना चाहिए।

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