भारत में कृषि सब्सिडी: किसानों के लिए पूरी गाइड | Agricultural Subsidies

अंतिम अपडेट: 17 सितंबर, 2025

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भारत में कृषि सब्सिडी: किसानों के लिए पूरी गाइड

कृषि सब्सिडी (agricultural subsidies) वह पैसा या सहायता है जो सरकार किसानों को खेती के खर्च में मदद करने और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए देती है। ये सब्सिडी खेती को सस्ता बनाती है और किसानों को बीज, खाद, मशीनें खरीदने और कम दर पर लोन लेने में मदद करती है। भारत में सरकार देश की कुल आमदनी (GDP) का लगभग 2% हिस्सा फार्म सब्सिडी पर खर्च करती है।

आप यहां ये मुख्य बातें सीखेंगे:

  • कृषि सब्सिडी क्या है और ये क्यों जरूरी है
  • किसानों के लिए उपलब्ध विभिन्न प्रकार की सब्सिडी
  • एग्रीकल्चर लोन सब्सिडी 2021 (agriculture loan subsidy 2021) और अन्य वित्तीय सहायता कैसे प्राप्त करें
  • राजस्थान, हरियाणा और पंजाब की राज्यवार योजनाएं
  • कृषि उपकरण सब्सिडी (subsidy on agriculture equipment) के लिए आवेदन के तरीके

कृषि सब्सिडी क्या है

कृषि सब्सिडी (agricultural subsidies) सरकार द्वारा किसानों, कृषि व्यवसायों और कृषि संगठनों को दिए जाने वाले भुगतान हैं। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं कि सरकार किसानों की खेती के खर्च में हिस्सा भरकर उनकी मदद करती है। इससे किसानों के लिए फसल उगाना और पैसा कमाना आसान हो जाता है।

सरकार ने किसानों को सब्सिडी देना इसलिए शुरू किया क्योंकि खेती में जोखिम हो सकता है। खराब मौसम, कीड़े-मकोड़े या फसल के कम दाम के कारण किसान को नुकसान हो सकता है। सब्सिडी किसानों को इन समस्याओं से बचाने में मदद करती है और देश में पर्याप्त अनाज का उत्पादन सुनिश्चित करती है।

भारत में सब्सिडी छोटे खेत वाले किसानों और बड़े किसानों दोनों की मदद करती है। लक्ष्य यह है कि खेती फायदेमंद बने और सभी के लिए खाने की चीजों के दाम सस्ते रहें।

भारत में कृषि सब्सिडी के प्रकार

भारत में कई अलग-अलग तरह की सब्सिडी हैं। मैं हर प्रकार को आसान भाषा में समझाऊंगा।

इनपुट सब्सिडी

इनपुट सब्सिडी किसानों को खेती के लिए जरूरी चीजें सस्ते दामों पर खरीदने में मदद करती है। इसमें खाद, बीज, पानी और बिजली शामिल है।

उर्वरक सब्सिडी (fertilizer subsidies) सभी इनपुट सब्सिडी का लगभग 45% हिस्सा बनाती है। सरकार खाद कंपनियों को पैसा देती है ताकि किसान यूरिया और अन्य पोषक तत्व कम दामों पर खरीद सकें। उदाहरण के लिए, अगर यूरिया बनाने में 100 रुपये का खर्च आता है, तो सरकार 60 रुपये देती है और किसान सिर्फ 40 रुपये देता है।

बिजली सब्सिडी (electricity subsidies) इनपुट सब्सिडी का लगभग 30% हिस्सा है। कई राज्य सरकारें किसानों को पानी के पंप चलाने के लिए मुफ्त या बहुत सस्ती बिजली देती हैं। इससे किसानों को बिजली के बिल की चिंता किए बिना अपनी फसलों को पानी देने में मदद मिलती है।

सिंचाई सब्सिडी (irrigation subsidies) इनपुट सब्सिडी का 16% हिस्सा बनाती है। पीएम कृषि सिंचाई योजना जैसी स्कीमों के तहत, किसानों को पानी बचाने के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम के लिए 55% तक सहायता मिलती है।

बीज सब्सिडी (seed subsidies) किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज कम दामों पर लेने में मदद करती है। सीड विलेज प्रोग्राम जैसे कार्यक्रम किसानों को अधिक उत्पादन देने वाले, बीमारी प्रतिरोधी बीज देते हैं।

क्रेडिट और बीमा सब्सिडी

एग्रीकल्चर लोन सब्सिडी 2021 (agriculture loan subsidy 2021) और इसी तरह की क्रेडिट स्कीमें किसानों को सस्ते लोन लेने में मदद करती हैं। ब्याज अनुदान योजना के तहत किसान किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 3 लाख रुपये तक का शॉर्ट-टर्म लोन 7% ब्याज दर पर ले सकते हैं।

अगर किसान समय पर लोन चुकाते हैं, तो उन्हें 3% की अतिरिक्त छूट मिलती है, जिससे वास्तविक दर सिर्फ 4% हो जाती है। इसका मतलब है कि किसान सामान्य बैंक लोन से बहुत कम ब्याज देते हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) किसानों को फसल खराब होने से बचाती है। किसान सिर्फ 1.5-5% प्रीमियम देते हैं, और सरकार बाकी हिस्सा भरती है।

आउटपुट सब्सिडी

आउटपुट सब्सिडी किसानों को उनकी फसलों का अच्छा दाम दिलाने में मदद करती है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) गेहूं, चावल, दालें और तिलहन जैसी 22 फसलों के लिए न्यूनतम दाम की गारंटी देता है। भारतीय खाद्य निगम जैसी सरकारी एजेंसियां किसानों से इन गारंटी दामों पर फसल खरीदती हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर सब्सिडी

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड सामान्य क्षेत्रों में 35% सब्सिडी और उत्तर पूर्व तथा पहाड़ी इलाकों में 50% सब्सिडी कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए देता है। इससे किसानों को अपनी उपज को खराब हुए बिना स्टोर करने में मदद मिलती है।

राज्यवार कृषि सब्सिडी योजनाएं

अलग-अलग राज्यों की अपनी अतिरिक्त सब्सिडी योजनाएं हैं।

राजस्थान कृषि विभाग सब्सिडी

राजस्थान कृषि विभाग सब्सिडी (agriculture department Rajasthan subsidy) योजनाओं में राज्य के किसानों के लिए कई कार्यक्रम शामिल हैं। राज किसान साथी पोर्टल किसानों को 150 से अधिक कृषि योजनाओं के लिए रजिस्ट्रेशन और सब्सिडी भुगतान ट्रैक करने में मदद करता है।

राजस्थान की मुख्य योजनाओं में शामिल हैं:

  • किसान ऋण मोचन योजना लोन माफी के लिए
  • माइक्रो-इरिगेशन सब्सिडी जिसमें ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम के लिए 70% तक सहायता
  • ट्रैक्टर और उपकरणों के लिए फार्म मशीनीकरण सब्सिडी
  • जैविक खेती के लिए प्रोत्साहन

हरियाणा एग्रीकल्चर सब्सिडी 2021

हरियाणा एग्रीकल्चर सब्सिडी 2021 (Haryana agriculture subsidy 2021) कार्यक्रम कृषि मशीनरी सब्सिडी (agriculture machinery subsidy) पर फोकस करते हैं। MFMB पोर्टल पर रजिस्टर किसान कृषि मशीनों पर 40-50% सब्सिडी पा सकते हैं।

चयन जिला स्तरीय कार्यकारी समिति के तहत लॉटरी सिस्टम से होता है। किसान अधिकतम 2 प्रकार की मशीनें खरीद सकते हैं और पिछले तीन साल में उसी मशीन पर सब्सिडी नहीं ली होनी चाहिए।

पंजाब कृषि विभाग सब्सिडी

पंजाब कृषि विभाग सब्सिडी (Punjab agriculture department subsidy) योजनाओं में फार्म मशीनीकरण और उपकरणों के लिए सहायता शामिल है। पंजाब किसानों को पानी-गहन फसलों से दूर हटने और टिकाऊ खेती के तरीके अपनाने में मदद पर फोकस कर रहा है।

एसबीआई कृषि गोल्ड लोन सब्सिडी

एसबीआई कृषि गोल्ड लोन सब्सिडी (SBI agriculture gold loan subsidy) एक विशेष योजना है जहां किसान अपने सोने के गहनों के बदले सब्सिडी वाली दरों पर लोन ले सकते हैं। ब्याज अनुदान योजना के तहत किसानों को ब्याज पर 36% तक सब्सिडी मिल सकती है।

यहां सब्सिडी दरें हैं:

  • छोटे और सीमांत किसान: 25% सब्सिडी
  • महिला किसान: 33.33% सब्सिडी
  • अनुसूचित जाति/जनजाति किसान: 40% सब्सिडी

लोन की राशि 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और कृषि के काम के लिए इस्तेमाल होनी चाहिए। इस सब्सिडी के लिए आवेदन करने के लिए किसानों के पास वैध किसान क्रेडिट कार्ड होना जरूरी है।

कृषि मशीन सब्सिडी और उपकरण सब्सिडी

कृषि मशीन सब्सिडी (agriculture machine subsidy) और कृषि मशीनरी सब्सिडी (agriculture machinery subsidy) किसानों को आधुनिक उपकरण कम लागत पर खरीदने में मदद करती है। कृषि मशीनीकरण पर सब मिशन ये लाभ प्रदान करता है:

व्यक्तिगत मशीनरी के लिए:

  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, छोटे, सीमांत और महिला किसानों के लिए 50% सब्सिडी
  • अन्य किसानों के लिए 40% सब्सिडी
  • छोटे और सीमांत अनुसूचित जाति/जनजाति किसानों के लिए अतिरिक्त 20% सब्सिडी

कृषि उपकरण सब्सिडी (subsidy on agriculture equipment) इन चीजों को कवर करती है:

  • पावर टिलर और ट्रैक्टर
  • हार्वेस्टर और थ्रेशर
  • सिंचाई उपकरण
  • प्रोसेसिंग मशीनें

कृषि सब्सिडी कैसे काम करती है

मैं समझाता हूं कि किसान वास्तव में सब्सिडी कैसे प्राप्त करते हैं।

सरकार आमतौर पर सब्सिडी दो तरीकों से देती है:

  1. सप्लायर को सीधा भुगतान (जैसे उर्वरक कंपनियों को)
  2. खरीदारी के बाद किसानों को वापसी

उर्वरक सब्सिडी के लिए, कंपनियां किसानों को कम दरों पर उत्पाद बेचती हैं और सरकार कंपनियों को अंतर की राशि देती है। उपकरण सब्सिडी के लिए, किसान अक्सर पहले पूरी राशि देते हैं और फिर सरकार से पैसा वापस पाते हैं।

कृषि सब्सिडी के फायदे

सब्सिडी किसानों की कई तरीकों से मदद करती है:

कम लागत: किसान बीज, खाद और उपकरणों पर कम पैसा खर्च करते हैं। इससे मुनाफे के रूप में अधिक पैसा बचता है।

बेहतर तकनीक: आधुनिक उपकरणों पर सब्सिडी किसानों को बेहतर तकनीक का उपयोग करने में मदद करती है और फसल की पैदावार बढ़ाती है।

जोखिम सुरक्षा: बीमा सब्सिडी किसानों को मौसम की क्षति और फसल की विफलता से बचाती है।

स्थिर आमदनी: MSP के माध्यम से मूल्य समर्थन किसानों को बाजार की कीमतें कम होने पर भी गारंटीशुदा आमदनी देता है।

क्रेडिट पहुंच: सब्सिडी वाले लोन किसानों को अधिक ब्याज दिए बिना खेती के लिए पैसा पाने में मदद करते हैं।

कृषि सब्सिडी के लिए आवेदन कैसे करें

विभिन्न सब्सिडी के लिए आवेदन करने की चरणबद्ध गाइड:

चरण 1: आवश्यक दस्तावेज तैयार करें

ये दस्तावेज इकट्ठे करें:

  • आधार कार्ड
  • भूमि के कागजात
  • बैंक अकाउंट की जानकारी
  • किसान क्रेडिट कार्ड (उपलब्ध हो तो)
  • आय प्रमाण पत्र

चरण 2: सरकारी पोर्टल पर रजिस्टर करें

अपनी राज्य कृषि विभाग की वेबसाइट या कॉमन सर्विस सेंटर पर जाएं। अपने आधार नंबर से अकाउंट बनाएं।

चरण 3: सही योजना चुनें

उपलब्ध सब्सिडी देखें और अपनी खेती की जरूरतों से मेल खाने वाली चुनें। पात्रता मापदंड ध्यान से पढ़ें।

चरण 4: आवेदन जमा करें

आवेदन फॉर्म पूरा भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। जमा करने से पहले सभी जानकारी दोबारा चेक करें।

चरण 5: आवेदन की स्थिति ट्रैक करें

अधिकांश पोर्टल आपको ऑनलाइन आवेदन की स्थिति चेक करने देते हैं। भविष्य के संदर्भ के लिए अपना आवेदन नंबर नोट करें।

चरण 6: सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें

अधिकारी आपके खेत पर सत्यापन के लिए आ सकते हैं। सत्यापन के समय आप उपलब्ध रहें।

चरण 7: सब्सिडी का भुगतान प्राप्त करें

अप्रूवल के बाद, सब्सिडी का पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट में आएगा या आप इसे निर्धारित केंद्रों से ले सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: कृषि लोन सब्सिडी योजनाओं के तहत अधिकतम लोन राशि क्या है?
उत्तर: ब्याज अनुदान योजना के तहत, किसान किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 7% ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का सब्सिडी वाला लोन ले सकते हैं।

प्रश्न: किसान कृषि मशीनरी पर कितनी सब्सिडी पा सकते हैं?
उत्तर: किसान कृषि मशीनरी पर 40-50% सब्सिडी पा सकते हैं, जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति, छोटे, सीमांत और महिला किसानों को 50% सब्सिडी और अन्य किसानों को 40% सब्सिडी मिलती है।

प्रश्न: एसबीआई कृषि गोल्ड लोन सब्सिडी के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए?
उत्तर: आपको वैध किसान क्रेडिट कार्ड अकाउंट, लोन एग्रीमेंट, पहचान प्रमाण, पता प्रमाण और केसीसी अकाउंट स्टेटमेंट चाहिए।

प्रश्न: न्यूनतम समर्थन मूल्य में कौन सी फसलें शामिल हैं?
उत्तर: MSP में गेहूं, चावल, दालें, तिलहन सहित 22 फसलें शामिल हैं और गन्ने के लिए उचित और लाभकारी मूल्य प्रदान करता है।

प्रश्न: राजस्थान के किसान कृषि सब्सिडी के लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: राजस्थान के किसान राज किसान साथी पोर्टल https://rajkisansathi.nic.in/ के माध्यम से रजिस्टर और आवेदन कर सकते हैं जो 150 से अधिक कृषि योजनाओं को कवर करता है।

  1. https://www.sanskritiias.com/hindi/current-affairs/wto-pressure-on-india-regarding-agricultural-subsidy
  2. https://www.youtube.com/watch?v=obzGSp8dtbI
  3. https://en.wikipedia.org/wiki/Agricultural_subsidy
  4. https://www.drishtiias.com/daily-updates/daily-news-analysis/reforming-agricultural-subsidies
  5. https://theiashub.com/free-resources/mains-marks-booster/agriculture-subsidy
  6. https://subsidy4india.com/agriculture-subsidy/
  7. https://www.youtube.com/watch?v=aAMotAMyS9s

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