केला की खेती कैसे करें-पूरी जानकारी | Banana Farming Guide

केला की खेती कैसे करें – पूरी जानकारी | Banana Farming Guide

केला (Banana) भारत की सबसे महत्वपूर्ण फल फसलों में से एक है। केला की खेती (Banana Farming) साल भर की जा सकती है और यह किसानों के लिए एक लाभदायक व्यवसाय है। केला पोषक तत्वों से भरपूर फल है जिसकी बाजार में हमेशा मांग रहती है। भारत केला उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है।

केला की खेती के लिए जलवायु

केला की खेती के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु (Warm and Humid Climate) की आवश्यकता होती है। 15 से 35 डिग्री सेल्सियस तापमान केले की वृद्धि के लिए उपयुक्त है। 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे अच्छा माना जाता है। अधिक ठंड और तेज हवाओं से केले के पौधों को नुकसान होता है। केले की फसल को पूरे साल समान तापमान और 75-85% आर्द्रता की जरूरत होती है।

मिट्टी और भूमि की तैयारी

केला की खेती के लिए गहरी, उपजाऊ और जल निकासी वाली दोमट मिट्टी (Loamy Soil) सबसे उपयुक्त है। मिट्टी का pH मान 6 से 7.5 के बीच होना चाहिए। जमीन को 2-3 बार जुताई करके समतल बना लें। खेत में जल निकासी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। रोपण से पहले 60 सेमी × 60 सेमी × 60 सेमी के गड्ढे खोदें और उन्हें गोबर की खाद से भर दें।

केला की उन्नत किस्में

भारत में केले की कई व्यावसायिक किस्में (Commercial Varieties) उगाई जाती हैं। रोबस्टा, पूवन, ग्रैंड नाइन, रेड बनाना, नेन्द्रन, बासराई ड्वार्फ और अल्पान प्रमुख किस्में हैं। ग्रैंड नाइन (Grand Naine) उच्च उपज देने वाली किस्म है। टिश्यू कल्चर पौधे (Tissue Culture Plants) रोग मुक्त होते हैं और अधिक उत्पादन देते हैं।

रोपण का समय और तरीका

केले की रोपाई साल में तीन बार की जा सकती है – फरवरी-मार्च, जून-जुलाई और अक्टूबर-नवंबर। जून-जुलाई (मानसून) का समय सबसे उपयुक्त है। पौधे से पौधे की दूरी 1.5 से 2 मीटर और कतार से कतार की दूरी 2 से 2.5 मीटर रखें। टिश्यू कल्चर सकर्स (Suckers) या राइजोम का उपयोग करें। रोपण के तुरंत बाद हल्की सिंचाई करें।

सिंचाई व्यवस्था

केले की फसल को नियमित सिंचाई (Regular Irrigation) की आवश्यकता होती है। गर्मियों में हर 4-5 दिन और सर्दियों में 7-10 दिन में पानी दें। केले की जड़ें उथली होती हैं इसलिए मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है। ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) सबसे उत्तम विधि है जो पानी बचाती है और उपज बढ़ाती है। फूल आने से फल पकने तक अधिक पानी की जरूरत होती है।

खाद और पोषण प्रबंधन

केला एक भारी पोषक फसल है। प्रति पौधा 10-15 किलो गोबर की खाद, 200 ग्राम नाइट्रोजन, 60 ग्राम फास्फोरस और 300 ग्राम पोटाश देना चाहिए। खाद को 4-5 भागों में बांटकर हर 2 महीने में दें। पोटाश (Potassium) से केले की गुणवत्ता और आकार बढ़ता है। जैविक खाद और वर्मीकम्पोस्ट का उपयोग मिट्टी की सेहत के लिए अच्छा है।

कीट और रोग नियंत्रण

केले में पनामा विल्ट (Panama Wilt), सिगाटोका रोग, बंची टॉप वायरस, तना छेदक और पत्ती खाने वाले कीट प्रमुख समस्याएं हैं। रोग मुक्त टिश्यू कल्चर पौधे लगाएं। प्रभावित पौधों को तुरंत हटा दें। नीम की खली और जैविक कीटनाशकों का उपयोग करें। खेत की साफ-सफाई रखें और जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें।

फसल की देखभाल

केले के पौधों के आसपास खरपतवार (Weeds) नहीं उगने दें। नियमित निराई-गुड़ाई करें या मल्चिंग (Mulching) करें। तेज हवा से बचाव के लिए सहारा दें। एक माता पौधे से केवल एक फल की गुच्छी रखें और बाकी सकर्स हटा दें। फल आने के बाद गुच्छे को नीले पॉलीथीन कवर से ढक दें, इससे फल की गुणवत्ता बढ़ती है।

कटाई और उपज

केला रोपण के 11 से 15 महीने में तैयार हो जाता है। फल पूरी तरह बढ़ जाने पर लेकिन हरे रहते हुए काटे जाते हैं। गुच्छे को सावधानी से काटकर छाया में रखें। एक पौधे से 20 से 40 किलो तक उपज (Yield) मिल सकती है। एक हेक्टेयर से 40 से 60 टन तक उत्पादन होता है। कटाई के बाद कृत्रिम पकाई (Ripening) की जा सकती है।

लागत और आय

एक हेक्टेयर में केले की खेती में 1.5 से 2.5 लाख रुपये की लागत आती है। अच्छी देखभाल से 40 से 60 टन उपज मिल सकती है। बाजार मूल्य के अनुसार 4 से 7 लाख रुपये की आय (Income) हो सकती है। टिश्यू कल्चर पौधों और आधुनिक तकनीक से मुनाफा और बढ़ सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. केले का पौधा कितने महीने में फल देता है?
केला का पौधा रोपण के 11 से 15 महीने में फल देना शुरू कर देता है। किस्म और देखभाल के अनुसार समय अलग हो सकता है।

2. केले की खेती के लिए कौन सा पौधा सबसे अच्छा है?
टिश्यू कल्चर पौधे सबसे अच्छे होते हैं क्योंकि ये रोग मुक्त होते हैं और एक समान उपज देते हैं। ग्रैंड नाइन और रोबस्टा अच्छी किस्में हैं।

3. केले की खेती में पानी कितना चाहिए?
केले को नियमित पानी चाहिए। ड्रिप सिंचाई से प्रतिदिन 20-25 लीटर प्रति पौधा पानी पर्याप्त है। पूरी फसल में 1500-2000 मिमी पानी लगता है।

4. केले की खेती में कौन सी खाद सबसे जरूरी है?
पोटाश केले के लिए सबसे जरूरी है। इसके साथ नाइट्रोजन और गोबर की खाद भी जरूरी हैं। संतुलित पोषण से अच्छी उपज मिलती है।

5. केले की खेती में सबसे बड़ी समस्या क्या है?
पनामा विल्ट और बंची टॉप वायरस केले की सबसे बड़ी समस्याएं हैं। रोग मुक्त पौधे लगाना और खेत की साफ-सफाई इनसे बचाव के उपाय हैं।

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