नींबू की खेती की पूरी जानकारी | Lemon Farming Guide
नींबू (Lemon) एक महत्वपूर्ण खट्टे फल है जिसकी पूरे साल मांग रहती है। नींबू की खेती (Lemon Farming) किसानों के लिए एक लाभदायक व्यवसाय है। नींबू में विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है और इसका उपयोग खाना पकाने, पेय पदार्थ और औषधीय उद्देश्यों में होता है। भारत नींबू उत्पादन में विश्व के प्रमुख देशों में है।
उपयुक्त जलवायु
नींबू की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु (Tropical and Subtropical Climate) सबसे अच्छी है। 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान नींबू की वृद्धि के लिए उत्तम है। नींबू के पौधे ठंड के प्रति संवेदनशील होते हैं। पाला पड़ने से पौधों को गंभीर नुकसान हो सकता है। अच्छी धूप और मध्यम वर्षा नींबू की खेती के लिए जरूरी है।
मिट्टी का चुनाव
नींबू की खेती के लिए गहरी, उपजाऊ और अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी (Well-Drained Loamy Soil) सबसे उपयुक्त है। मिट्टी का pH मान 5.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए। बलुई दोमट मिट्टी भी नींबू की खेती के लिए अच्छी है। जलभराव वाली और अत्यधिक क्षारीय मिट्टी नींबू के लिए उपयुक्त नहीं है।
नींबू की प्रमुख किस्में
भारत में नींबू की कई व्यावसायिक किस्में (Commercial Varieties) उगाई जाती हैं। कागजी नींबू, असम लेमन, बारामासी, यूरेका, लिस्बन, पंत नींबू-1, प्रमालिनी और विक्रम प्रमुख किस्में हैं। कागजी नींबू सबसे लोकप्रिय भारतीय किस्म है। यूरेका और लिस्बन विदेशी किस्में हैं जो बड़े फल देती हैं। बारामासी किस्म साल भर फल देती है।
पौधे लगाने का तरीका
नींबू के पौधे लगाने का सबसे अच्छा समय जुलाई-अगस्त (मानसून) है। फरवरी-मार्च में भी रोपण किया जा सकता है। पौधे से पौधे की दूरी 5 से 6 मीटर रखें। 60 सेमी × 60 सेमी × 60 सेमी के गड्ढे खोदें। गड्ढों को गोबर की खाद, कम्पोस्ट और मिट्टी के मिश्रण से भर दें। कलमी या ग्राफ्टेड पौधे (Grafted Plants) ही लगाएं जो रोग प्रतिरोधी हों।
सिंचाई प्रबंधन
नए पौधों को हर 7-10 दिन में पानी दें। गर्मियों में सप्ताह में एक बार और सर्दियों में 15 दिन के अंतर पर सिंचाई (Irrigation) करें। फूल आने और फल विकास के समय नियमित सिंचाई आवश्यक है। ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) सबसे उत्तम विधि है। पानी की कमी से फल झड़ सकते हैं। अधिक पानी से जड़ सड़न की समस्या हो सकती है।
खाद और पोषण
नींबू के पौधों को संतुलित पोषण (Balanced Nutrition) देना जरूरी है। पहले साल 10 किलो गोबर की खाद दें और हर साल मात्रा बढ़ाते जाएं। एक फलदार पेड़ को 30-40 किलो गोबर की खाद, 500 ग्राम नाइट्रोजन, 250 ग्राम फास्फोरस और 500 ग्राम पोटाश सालाना दें। खाद को दो भागों में बांटकर फरवरी और जून-जुलाई में डालें। सूक्ष्म पोषक तत्व (Micronutrients) का छिड़काव फायदेमंद है।
कीट और रोग प्रबंधन
नींबू में सिट्रस सिल्ला (Citrus Psylla), लीफ माइनर, एफिड और फल मक्खी प्रमुख कीट हैं। कैंकर, गमोसिस, रूट रॉट और पाउडरी मिल्ड्यू प्रमुख रोग हैं। रोग मुक्त पौधे लगाएं। पीले चिपचिपे ट्रैप (Yellow Sticky Trap) लगाएं। नीम का तेल और जैविक कीटनाशकों का उपयोग करें। रोगग्रस्त भागों को काटकर जला दें। समय पर छिड़काव करें।
कांट-छांट और देखभाल
नींबू के पेड़ों की नियमित कांट-छांट (Pruning) जरूरी है। सूखी, रोगग्रस्त और क्रॉस शाखाओं को काट दें। कांट-छांट से पेड़ का आकार नियंत्रित रहता है और फल की गुणवत्ता बढ़ती है। बरसात के बाद कांट-छांट करना उचित है। पौधों के आसपास खरपतवार नियंत्रण करें। मल्चिंग (Mulching) से मिट्टी में नमी बनी रहती है।
फल तोड़ना और उपज
नींबू के पौधे 3-4 साल में फल देना शुरू कर देते हैं। फल जब पूरी तरह विकसित हो जाएं लेकिन हरे रंग के हों तब तोड़ें। साल में 3-4 बार फल तोड़े जा सकते हैं। एक पूर्ण विकसित पेड़ से 800 से 1200 नींबू मिल सकते हैं। प्रति हेक्टेयर 10 से 15 टन उपज (Yield) प्राप्त होती है। बारामासी किस्म में साल भर फल आते हैं।
आर्थिक लाभ
एक हेक्टेयर में नींबू की बागवानी स्थापित करने में 1.5 से 2 लाख रुपये की लागत आती है। पेड़ 3-4 साल से व्यावसायिक उत्पादन देने लगते हैं। अच्छे प्रबंधन से सालाना 4 से 6 लाख रुपये की आय (Income) हो सकती है। नींबू की कीमत मौसम के अनुसार बदलती रहती है। प्रसंस्करण इकाई लगाकर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. नींबू का पौधा कितने साल में फल देता है?
कलमी नींबू का पौधा 3 से 4 साल में फल देना शुरू कर देता है। बारामासी किस्म जल्दी फल देती है।
2. नींबू की खेती के लिए कौन सी मिट्टी सबसे अच्छी है?
गहरी दोमट या बलुई दोमट मिट्टी जिसमें अच्छी जल निकासी हो, नींबू की खेती के लिए सबसे अच्छी है।
3. नींबू में कौन सी बीमारी सबसे खतरनाक है?
सिट्रस कैंकर और गमोसिस रोग नींबू के लिए सबसे खतरनाक हैं। रोग मुक्त पौधे लगाना और समय पर उपचार जरूरी है।
4. नींबू की कौन सी किस्म सबसे अच्छी है?
कागजी नींबू भारत में सबसे लोकप्रिय किस्म है। बारामासी किस्म साल भर फल देती है जो व्यावसायिक खेती के लिए अच्छी है।
5. नींबू की खेती में कितना खर्च आता है?
एक हेक्टेयर में नींबू की बागवानी स्थापित करने में 1.5 से 2 लाख रुपये का खर्च आता है। इसमें पौधे, खाद, सिंचाई और देखभाल शामिल है।