प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY): हर खेत को पानी, हर बूंद से अधिक फसल | Pradhan Mantri Krishi Sinchai Yojana
भारत एक कृषि प्रधान देश है जहां लगभग 60% आबादी कृषि पर निर्भर है। लेकिन देश के कई हिस्सों में आज भी सिंचाई की सुविधा का अभाव है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) की शुरुआत की। यह योजना किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना क्या है?
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसे 1 जुलाई 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में मंजूरी दी गई थी। इस योजना को शुरू में 5 वर्षों (2015-16 से 2019-20) के लिए 50,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ लॉन्च किया गया था।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य “हर खेत को पानी” और “प्रति बूंद अधिक फसल” के सिद्धांत पर काम करना है। बाद में इस योजना को 2026 तक बढ़ा दिया गया है और कुल परिव्यय को 93,068 करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है।
योजना के मुख्य उद्देश्य
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्य हैं:
- सिंचाई क्षेत्र का विस्तार: देश में खेती योग्य भूमि का विकास और सुनिश्चित सिंचाई के तहत क्षेत्र का विस्तार करना।
- जल की बर्बादी रोकना: खेत में पानी के उपयोग की दक्षता में सुधार करके जल की बर्बादी को कम करना।
- सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा: ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई जैसी जल बचत तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
- जल संरक्षण: वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के माध्यम से जल संरक्षण को बढ़ावा देना।
- सिंचाई में निवेश आकर्षित करना: सिंचाई क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी निवेश को प्रोत्साहित करना।
- कृषि उत्पादकता बढ़ाना: बेहतर सिंचाई सुविधाओं के माध्यम से कृषि उत्पादकता में वृद्धि करना।
योजना की वित्तीय संरचना
यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों की हिस्सेदारी निम्नलिखित अनुपात में है:
- सामान्य राज्यों के लिए: केंद्र और राज्य का अनुपात 75:25
- उत्तर-पूर्वी और पहाड़ी राज्यों के लिए: केंद्र और राज्य का अनुपात 90:10
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के मुख्य घटक
PMKSY में मुख्य रूप से तीन प्रमुख घटक शामिल हैं:
1. त्वरित सिंचाई लाभ कार्यक्रम (AIBP)
यह कार्यक्रम जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है। इसका उद्देश्य बड़ी और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं को जल्दी से पूरा करना है, विशेष रूप से सूखा प्रभावित और आदिवासी क्षेत्रों में। अब तक इस कार्यक्रम के तहत 53 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिससे 25.14 लाख हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता बनी है।
2. हर खेत को पानी (HKKP)
इस घटक का लक्ष्य लघु सिंचाई के माध्यम से नए जल स्रोतों का निर्माण करना है। इसमें निम्नलिखित गतिविधियां शामिल हैं:
- कमांड क्षेत्र विकास (CAD): मौजूदा सिंचाई परियोजनाओं की क्षमता का बेहतर उपयोग
- भूतल लघु सिंचाई (SMI): छोटे बांधों, तालाबों और अन्य जल संरचनाओं का निर्माण
- जल निकायों की मरम्मत, नवीनीकरण और पुनर्स्थापना (RRR): पुराने तालाबों और जलाशयों का जीर्णोद्धार
- भूजल विकास: कुओं और बोरवेल का निर्माण
3. वाटरशेड विकास घटक (WDC-PMKSY)
भूमि और संसाधन विभाग द्वारा कार्यान्वित यह घटक वर्षा जल प्रबंधन, मिट्टी और नमी संरक्षण पर केंद्रित है। WDC-PMKSY 2.0 को 2021-2026 की अवधि के लिए 8,134 करोड़ रुपये के केंद्रीय वित्तीय परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई है, जिसका लक्ष्य 49.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करना है।
4. ऑन-फार्म जल प्रबंधन (OFWM)
यह घटक कृषि और सहकारिता विभाग द्वारा संचालित किया जाता है। इसमें सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देना शामिल है:
- ड्रिप सिंचाई प्रणाली: पौधों की जड़ों में सीधे पानी पहुंचाना
- स्प्रिंकलर सिंचाई: फव्वारे के माध्यम से पानी का छिड़काव
- माइक्रो स्प्रिंकलर: छोटे पौधों और बागवानी फसलों के लिए
योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी और अनुदान
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसानों को विभिन्न प्रकार की सिंचाई उपकरणों पर अनुदान प्रदान किया जाता है:
सूक्ष्म सिंचाई के लिए अनुदान
- ड्रिप सिस्टम (इकाई लागत 80,000/हेक्टेयर):
- सभी वर्ग के किसानों के लिए: इकाई लागत का 80% या अधिकतम 64,000 रुपये
- स्प्रिंकलर सेट (इकाई लागत 19,600/हेक्टेयर):
- सभी वर्ग के किसानों के लिए: इकाई लागत का 80% या अधिकतम 12,000 रुपये
- मोबाइल रेनगन (इकाई लागत 31,600/हेक्टेयर):
- सभी वर्ग के किसानों के लिए: इकाई लागत का 80% या अधिकतम राशि
अन्य सिंचाई उपकरणों के लिए अनुदान
- लघु/सीमांत किसान: इकाई लागत का 55% अनुदान
- अन्य किसान: इकाई लागत का 45% अनुदान
- डीजल/विद्युत पंप: सभी वर्ग के किसानों के लिए इकाई लागत का 50% या अधिकतम राशि
योजना के लिए पात्रता मानदंड
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित किसान पात्र हैं:
- सभी वर्ग के किसान: छोटे, सीमांत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के किसान
- भूमि स्वामित्व: किसानों के पास स्वयं की कृषि भूमि होनी चाहिए
- लीज पर खेती करने वाले: जो किसान लीज पर खेती करते हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं
- स्वयं सहायता समूह: सहकारी समितियां, ट्रस्ट और उत्पादक किसान समूह भी इस योजना के लिए पंजीकरण कर सकते हैं
- भारतीय नागरिक: केवल भारतीय नागरिक ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
योजना के लिए आवेदन करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड
- पहचान पत्र (वोटर आईडी, पैन कार्ड)
- जमीन के कागजात (खसरा-खतौनी)
- बैंक पासबुक की फोटोकॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
- लीज एग्रीमेंट (यदि लागू हो)
योजना के लाभ
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से किसानों और कृषि क्षेत्र को कई लाभ मिलते हैं:
- पानी की बचत: सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों से 40-60% तक पानी की बचत होती है
- बढ़ी हुई उत्पादकता: नियमित और उचित सिंचाई से फसल उत्पादन में 30-40% की वृद्धि
- ऊर्जा की बचत: ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणालियों से बिजली और डीजल की खपत में कमी
- श्रम लागत में कमी: स्वचालित सिंचाई प्रणाली से मजदूरी खर्च में कमी
- बेहतर फसल गुणवत्ता: समान जल वितरण से फसलों की गुणवत्ता में सुधार
- मिट्टी की उर्वरता: उचित जल प्रबंधन से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है
- उर्वरक दक्षता: ड्रिप सिंचाई के साथ फर्टिगेशन से उर्वरकों का बेहतर उपयोग
- सूखे से सुरक्षा: जल संचयन और भूजल पुनर्भरण से सूखे के प्रभाव में कमी
योजना के तहत आवेदन कैसे करें?
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया राज्य-वार भिन्न हो सकती है, लेकिन सामान्य प्रक्रिया निम्नलिखित है:
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: अपने राज्य की कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या PMKSY पोर्टल (pmksy.gov.in) पर जाएं
- पंजीकरण करें: नए उपयोगकर्ता के रूप में अपना पंजीकरण करें
- आवेदन फॉर्म भरें: सभी आवश्यक जानकारी सही-सही भरें
- दस्तावेज अपलोड करें: सभी आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें
- आवेदन जमा करें: फॉर्म की समीक्षा करने के बाद सबमिट करें
- आवेदन संख्या प्राप्त करें: आवेदन जमा करने के बाद एक विशिष्ट आवेदन संख्या प्राप्त होगी
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया:
- अपने नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय जाएं
- योजना के लिए आवेदन फॉर्म प्राप्त करें
- फॉर्म को सही तरीके से भरें
- सभी आवश्यक दस्तावेजों की फोटोकॉपी संलग्न करें
- फॉर्म को संबंधित कार्यालय में जमा करें
- आवेदन की रसीद प्राप्त करें
योजना की उपलब्धियां
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत के बाद से अब तक कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की गई हैं:
- PMKSY-AIBP के तहत 53 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं
- 25.14 लाख हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का निर्माण
- लाखों किसानों को सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों का लाभ
- हजारों जल निकायों का पुनर्स्थापना और नवीनीकरण
- 49.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में वाटरशेड विकास कार्य
- जल संरक्षण और जल उपयोग दक्षता में महत्वपूर्ण सुधार
योजना की चुनौतियां और समाधान
हालांकि योजना सफल रही है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं:
चुनौतियां:
- किसानों में जागरूकता की कमी
- तकनीकी ज्ञान का अभाव
- प्रारंभिक निवेश की समस्या
- रखरखाव का मुद्दा
- कुछ क्षेत्रों में धीमा कार्यान्वयन
समाधान:
- किसानों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम
- तकनीकी सहायता केंद्रों की स्थापना
- सब्सिडी राशि को समय पर वितरण
- रखरखाव प्रशिक्षण और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता
- जिला और राज्य स्तर पर बेहतर समन्वय
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
सरकार ने PMKSY को 2026 तक विस्तारित किया है और आने वाले वर्षों में इसे और मजबूत बनाने की योजना है:
- अधिक सिंचाई परियोजनाओं को शामिल करना
- आधुनिक तकनीकों जैसे IoT और AI का उपयोग
- जलवायु-स्मार्ट सिंचाई प्रणालियों को बढ़ावा
- अधिक राज्यों और जिलों में योजना का विस्तार
- नवीकरणीय ऊर्जा आधारित सिंचाई प्रणालियों को प्रोत्साहन
सफलता की कहानियां
देश के विभिन्न हिस्सों से PMKSY की सफलता की कई कहानियां सामने आई हैं। किसानों ने ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। कई सूखा प्रभावित क्षेत्रों में इस योजना ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना भारत की कृषि को आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। “हर खेत को पानी” और “प्रति बूंद अधिक फसल” का लक्ष्य न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर रहा है, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहा है।
यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार के निरंतर प्रयासों और किसानों की भागीदारी से यह योजना भारत को खाद्य सुरक्षा और जल सुरक्षा की दिशा में आगे ले जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना कब शुरू की गई थी?
उत्तर: प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना को 1 जुलाई 2015 को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) द्वारा मंजूरी दी गई थी। इस योजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुरू किया गया था। शुरुआत में इसे 5 वर्षों (2015-16 से 2019-20) के लिए 50,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ लॉन्च किया गया था। बाद में इसे 2026 तक बढ़ाया गया और कुल परिव्यय 93,068 करोड़ रुपये किया गया है।
2. PMKSY के तहत किसानों को कितनी सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: PMKSY के तहत सब्सिडी सिंचाई उपकरण और किसान की श्रेणी के आधार पर भिन्न होती है। ड्रिप सिस्टम के लिए सभी वर्ग के किसानों को इकाई लागत का 80% या अधिकतम 64,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मिलता है। स्प्रिंकलर सेट के लिए 80% या अधिकतम 12,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी उपलब्ध है। अन्य सिंचाई उपकरणों के लिए लघु/सीमांत किसानों को 55% और अन्य किसानों को 45% अनुदान मिलता है।
3. योजना के लिए कौन-कौन किसान आवेदन कर सकते हैं?
उत्तर: PMKSY के लिए सभी वर्ग के किसान आवेदन कर सकते हैं – छोटे, सीमांत, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और सामान्य वर्ग के किसान। किसानों के पास स्वयं की कृषि भूमि होनी चाहिए। लीज पर खेती करने वाले किसान भी आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियां, ट्रस्ट और उत्पादक किसान समूह भी पंजीकरण कर सकते हैं। केवल भारतीय नागरिक ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
4. PMKSY का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: PMKSY का मुख्य उद्देश्य “हर खेत को पानी” और “प्रति बूंद अधिक फसल” के सिद्धांत पर काम करना है। इस योजना के माध्यम से सिंचाई क्षेत्र का विस्तार करना, जल की बर्बादी को रोकना, सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देना, जल संरक्षण करना, सिंचाई में निवेश आकर्षित करना और कृषि उत्पादकता बढ़ाना शामिल है। योजना का लक्ष्य देश में खेती योग्य भूमि का विकास करना और पानी बचत तकनीकों को लागू करना है।
5. PMKSY के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
उत्तर: PMKSY के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए सबसे पहले अपने राज्य की कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या PMKSY पोर्टल (pmksy.gov.in) पर जाएं। नए उपयोगकर्ता के रूप में अपना पंजीकरण करें और आवेदन फॉर्म में सभी आवश्यक जानकारी सही-सही भरें। इसके बाद सभी आवश्यक दस्तावेज (आधार कार्ड, भूमि दस्तावेज, बैंक पासबुक, फोटो) स्कैन करके अपलोड करें। फॉर्म की समीक्षा करने के बाद सबमिट करें और आवेदन संख्या सुरक्षित रखें। आप अपने नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में जाकर ऑफलाइन भी आवेदन कर सकते हैं।
नोट: योजना की विस्तृत जानकारी और अपने राज्य के लिए विशिष्ट दिशानिर्देशों के लिए कृपया आधिकारिक वेबसाइट pmksy.gov.in या अपने राज्य के कृषि विभाग से संपर्क करें।